इजरायल और अमेरिका के ईरान पर हमले को 37 दिन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड के सुर कई बार बदलते नजर आए हैं. इजरायल औरअमेरिका ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला किया था. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तब से ही लगभग हर दिन गोली-बम और तबाही की बात करते आ रहे हैं.

अमेरिका के चाहने बालो पर हमले
ईरान ने अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद अपने पड़ोस में स्थित उन देशों पर भी हमला बोल दिया, जो अमेरिका के करीब माने जाते हैं ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात, ओमान, कतर समेत कई देशों में अमेरिकी सैन्य बेस पर मिसाइलें और ड्रोन दागे. अमेरिकी कंपनियों के दफ्तरों को भी निशाना बनाया और होटल्स को भी यह चेतावनी दे दी कि वे अमेरिकी सैनिकों को रहने के लिए कमरे ना दें.
फाइटर जेट डाउन
ईरान के साथ जारी जंग में अमेरिका को फाइटर जेट, ड्रोन का भी नुकसान उठाना पड़ा है. ईरान ने 3 अप्रैल को ही F-15E लड़ाकू विमान मार गिराया. ईरान ने अमेरिकी ए-10 थंडर के साथ ही एफ-35 स्टील्थ लड़ाकू विमान को भी मार गिराने का दावा किया था. इससे पहले, कुवैत में भी अमेरिकी सेना के फाइटर जेट गिरे थे.
ईरान की अपनी शर्तें

ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए अपनी शर्तें रख दी थीं. ईरान ने यह भरोसा मांगा था कि उसके ऊपर फिर कभी हमला नहीं होगा. युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई के लिए भारी-भरकम मुआवजा दिया जाए. ईरान ने अपने मध्यस्थों के जरिये 45 दिन के युद्धविराम का प्रस्ताव दिया है.