Skip to content

thekhabarbox.com

Menu
Menu
**Alt Text:** "भारत की अर्थव्यवस्था पर मंडराते नए खतरे की प्रतीकात्मक तस्वीर। कच्चे तेल की कीमतों से इतर अब वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, महंगाई, सप्लाई चेन संकट और भू-राजनीतिक तनाव आम आदमी की जेब और देश की अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर डाल सकते हैं।"

New Threat for India खलनायक’ नहीं रहा कच्चा तेल, आम आदमी पर यहां से मंडरा रहा बड़ा खतरा?

Posted on June 19, 2026

US-Iran Peace Deal के बाद आखिरकार होर्मुज ओपन हो गया है और कच्चे तेल की कीमतें क्रैश नजर आ रही हैं, जो बीते कुछ समय से महंगाई का जोखिम बढ़ा रही थीं. लेकिन सिर्फ तेल ही नहीं बल्कि भारतीय परिवारों के लिए एक और बड़ा जोखिम सामने है.

अब तक मिडिल ईस्ट में जंग के चलते अर्थशास्त्री लगातार ये चेतावनी देते हुए नजर आ रहे थे कि ये संघर्ष महंगाई के लिहाज से बड़ा खतरा बन जाएगा. ऐसा हुआ भी होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से दुनिया में गहराए तेल-गैस संकट के चलते पेट्रोल-डीजल, एलपीजी तक सब महंगी भी हुई. ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट बढ़ी, तो महंगाई ने भी छलांग लगा दी. ये सब हुआ कच्चे तेल की कीमतो में आए उछाल की वजह से. अब जबकि अमेरिका और ईरान में शांति वार्ता पर बात बन गई है और दोनों देशों के बीच समझौते पर साइन हो गया है, तो कच्चा तेल ‘खलनायक’ भी नहीं रहा. US-Iran Peace Deal के ऐलान के बाद से ही कच्चा तेल टूटता जा रहा है. इससे महंगाई का जोखिम भी कम हो गया है, क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट के ओपन होने से तेल की सप्लाई चेन से जुड़ी बाधाएं खत्म होती जा रही हैं. 

ऐसे दिखा कच्चे तेल में उछाल का असर 

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के भार पर असर की बात करें, तो देश में खुदरा महंगाई दर मई में बढ़कर 3.93% हो गई, जो अप्रैल में 3.48% थी. फूड प्रोडक्ट्स की कीमतों में उछाल और फ्यूल प्राइस हाइक ने इसमें अहम रोल निभाया. तो वहीं थोक महंगाई भी मई में 9.68% तक पहुंच गई. रिजर्व बैंक ने भी ऊर्जा की बढ़ती लागत और ग्लोबल अनिश्चितता का हवाला देते हुए FY2027 के लिए अपने महंगाई दर के अनुमान को 4.6% से बढ़ाकर 5.1% कर दिया.

अंतरराष्ट्रीय बाजार में जो कच्चा तेल लंबे समय तक 100-110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचकर दुनिया को महंगाई की मार से डरा रहा था. अमेरिका-ईरान में शांति समझौता होने के ऐलान के साथ ही भरभराकर क्रैश हो गया और ब्रेंट क्रूड की कीमत फिसलकर 77 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई.

तेल नहीं, तो अब कौन खलनायक?

जहां कुछ सप्ताह पहले तक कच्चे तेल को लेकर महंगाई पर चर्चा हो रही थी, तो अब एक्सपर्ट का मानना ​​है कि Crude Oil नहीं बल्कि खलनायक कोई और है, जिसका बड़ा खतरा हमारे घर के बहुत करीब उभर सकता है. इंफोमेरिक्स रेटिंग्स के चीफ इकोनॉमिस्ट डॉ. मनोरंजन शर्मा ने कहा कि आज देश में महंगाई का सबसे बड़ा जोखिम तेल नहीं, बल्कि मानसून है. 

उन्होंने कहा कि कमजोर मानसून अब भारत के लिए कच्चे तेल की तुलना में महंगाई का बड़ा खतरा पैदा कर रहा है. कारण सीधा है कि भारत में महंगाई की कैलकुलेशन में Fuel Price से कहीं ज्यादा खाद्य पदार्थों का रोल रहता है. उन्होंने कहा कि भारत की लगभग आधी एग्रीकल्चर लैंड बारिश पर निर्भर है, इसकी कमी से अनाज, दालों, सब्जियों, फलों और तिलहन के प्रोडक्शन में भारी कमी आ सकती है, जिससे महंगाई दर में तेज इजाफा हो सकता है और घरेलू बजट गड़बड़ा सकता है. 

ऐसे कच्चे तेल से ज्यादा बढ़ा संकट

साफ शब्दों में समझें, तो कच्चे तेल की कीमतों में तेजी महज ट्रांसपोर्टेशन को प्रभावित करती है, जबकि कम बारिश का सीधा असर उन रोजमर्रा की खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर पड़ सकता है जिन्हें परिवार रोजाना खरीदते हैं. उपभोक्ताओं के लिए, कमजोर मानसून का सबसे प्रत्यक्ष प्रभाव अक्सर सब्जी बाजार और किराना स्टोर पर महसूस किया जाता है. सीधा सा कैलकुलेशन है कि जब बारिश कम होती है, तो कृषि उत्पादन प्रभावित होता है, आपूर्ति कम हो जाती है और कीमतें बढ़ने लगती हैं.

शर्मा ने कहा कि कमजोर मानसून, खासकर अल नीनो की स्थिति में, खाद्य पदार्थों की ऊंची कीमतों के कारण घरेलू खर्चों में काफी वृद्धि करता है. कम बारिश अक्सर सब्जियों, दालों, खाद्य तेलों और दूध की महंगाई को दोहरे अंकों तक पहुंचा देती है. मिडिल क्लास के शहरी परिवार के लिए, इससे मंथली खर्च में 1,000 रुपये से 3,000 रुपये तक की बढ़ोतरी का अनुमान है, जूकि निम्न आय वर्ग के परिवार अधिक संवेदनशील हैं, क्योंकि उनके खर्च का एक बड़ा हिस्सा भोजन पर खर्च होता है. 

,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,समाप्त,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

  • Canada vs Qatar: 3 दनदनाते गोल और 6 का अटैक, मेसी के बाद जोनाथन डेविड की हैट्र‍िक, कनाडा ने कतर को धो डाला
  • New Threat for India खलनायक’ नहीं रहा कच्चा तेल, आम आदमी पर यहां से मंडरा रहा बड़ा खतरा?
  • 14 साल पुराना फार्मूला करेगा बोर या रंग दिखाएगा सीक्वल फैक्टर, ‘कॉकटेल 2’ करेगी असर?
  • UK-India FTA: 15 जुलाई से FTA लागू, व्हिस्की से ब्यूटी प्रोडक्ट तक जानें क्या-क्या होगा सस्ता ?
  • रंगा-बिल्ला केस पर बनी ‘राख’ में इन विलेन्स ने फूंकी जान! जानें कौन हैं बाबू-रज्जो।

Recent Comments

  1. A WordPress Commenter on Hello world!

Archives

  • June 2026
  • May 2026
  • April 2026
  • March 2026

Categories

  • Bollywood
  • Business
  • Cricket
  • Entertainment
  • Football
  • Hollywood
  • India
  • Lifestyle
  • News
  • Politics
  • Sports
  • SPORTS
  • TV
  • Uncategorized
  • World
  • ब्रेकिंग न्यूज़
©2026 thekhabarbox.com | Design: Newspaperly WordPress Theme